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सूचना भवन, सरायकेला-खरसावाँ प्रेस विज्ञप्ति दिनांक:- 14 अगस्त, 2026.

Publish Date : 18/08/2026

उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बी.एल. नेवतिया +2 हाई स्कूल ईचा का किया निरीक्षण, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने पर दिया जोर…

राजनगर: उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कैलाश मिश्रा द्वारा आज राजनगर प्रखंड अंतर्गत बी.एल. नेवतिया +2 हाई स्कूल, ईचा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय की कार्यप्रणाली एवं शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लेते हुए आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना, शिक्षकों की निर्धारित समय पर उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति में वृद्धि तथा शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा।

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की स्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति तथा विद्यालय की समग्र कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित होकर अपने दायित्वों का नियमित एवं प्रभावी ढंग से निर्वहन करने का निर्देश दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों की कम-से-कम 90 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के कारणों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए।

साथ ही, 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पात्र विद्यार्थियों का फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उनका नाम मतदाता सूची में पंजीकृत कराने की दिशा में सकारात्मक प्रयास करने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया एवं अपने मताधिकार के महत्व के संबंध में आवश्यक जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निर्धारित स्प्लिट सिलेबस को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, RAIL Data Entry का कार्य परीक्षा के एक सप्ताह के अंदर पूर्ण करने को कहा गया।

विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि एवं सीखने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से खेल-खेल में शिक्षा एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया। बच्चों को पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता, अनुशासन, आपसी सहयोग एवं सामंजस्य, संवाद एवं व्यवहार-कौशल के संबंध में जानकारी देने तथा उनके पारिवारिक एवं सामाजिक विकास के लिए आवश्यक मूल्यों से परिचित कराने पर भी जोर दिया गया।

निरीक्षण के क्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया गया तथा उनकी पढ़ाई, विद्यालय में उपस्थिति, विषयवार समझ एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली गई। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, समय पर कक्षा में उपस्थित होने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को अपनी शैक्षणिक कठिनाइयों एवं समस्याओं को शिक्षकों के साथ साझा करने तथा उपलब्ध शिक्षण संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति का नियमित आकलन किया जाए। विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की पहचान करते हुए जिन बच्चों को किसी विषय अथवा पाठ को समझने में कठिनाई हो रही है, उनके लिए आवश्यक सुधारात्मक एवं अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कमजोर विद्यार्थियों की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए नियमित प्रयास करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने विद्यालय में शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति की नियमित निगरानी, कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता, पाठ्यक्रम की समयबद्ध पूर्णता तथा शैक्षणिक गुणवत्ता की सतत समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, विद्यालय परिसर में स्वच्छ, सुरक्षित, अनुशासित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने तथा विद्यार्थियों में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित करने का निर्देश दिया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं प्रभावी विद्यालय प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए सभी शिक्षक अपने दायित्वों का गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करें।.