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सूचना भवन, सरायकेला-खरसावाँ प्रेस विज्ञप्ति दिनांक : 04 जुलाई, 2026.

Publish Date : 07/07/2026

प्राप्त शिकायत के आलोक में नीमडीह स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के समीप उत्पाद विभाग द्वारा चलाया गया सघन छापेमारी एवं तलाशी अभियान…

उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी के निर्देशानुसार सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत नीमडीह स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप अवैध महुआ शराब की बिक्री/निर्माण संबंधी प्राप्त शिकायत के आलोक में शनिवार को उत्पाद अवर निरीक्षक, सरायकेला अंचल श्री नीरज कुमार के नेतृत्व में संबंधित क्षेत्र में सघन छापेमारी एवं तलाशी अभियान चलाया गया।

छापेमारी के क्रम में विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उक्त स्थल पर महुआ शराब अथवा अन्य किसी अवैध मादक पदार्थ का निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री होते हुए नहीं पाई गई।

छापेमारी के दौरान स्थानीय ग्रामीणों एवं आसपास के नागरिकों से वार्ता कर वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। स्थानीय नागरिकों द्वारा बताया गया कि उक्त क्षेत्र में महुआ शराब का निर्माण अथवा बिक्री नहीं होती है। उनके द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि क्षेत्र की कुछ स्थानीय महिलाओं द्वारा कभी-कभी हड़िया (पारंपरिक किण्वित पेय) की बिक्री की जाती है।

इस अवसर पर उत्पाद अवर निरीक्षक श्री नीरज कुमार द्वारा स्थानीय लोगों को झारखंड उत्पाद अधिनियम के प्रावधानों एवं अवैध मादक पेय पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। साथ ही स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया कि विद्यालय परिसर अथवा उसके आसपास किसी भी प्रकार की अवैध शराब, महुआ शराब, हड़िया अथवा अन्य मादक पेय/पदार्थ का अवैध निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक छापेमारी एवं सत्यापन की कार्रवाई लगातार की जा रही है। आमजन से भी अपील की गई है कि विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों के आसपास अवैध शराब अथवा अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा उत्पाद विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।