सूचना भवन, सरायकेला–खरसावाँ प्रेस विज्ञप्ति दिनांक– 18 दिसंबर, 2025.
अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, म्यूटेशन एवं उत्तराधिकार से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न — लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण एवं समयबद्ध निष्पादन के निर्देश….
समाहरणालय सभागार में आज अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, म्यूटेशन एवं उत्तराधिकार से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता (LRDC), जिला परिवहन पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।
विभागवार राजस्व संग्रहण की समीक्षा के क्रम में अपर उपायुक्त द्वारा विभिन्न विभागों के निर्धारित वार्षिक एवं मासिक लक्ष्यों के विरुद्ध प्राप्ति की क्रमवार विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जिले की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण अत्यंत आवश्यक है। इस हेतु सभी विभागों को ठोस, व्यावहारिक एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के क्रम में विभागवार दिए गए दिशा-निर्देश👇🏻
वाणिज्य कर अंचल (चांडिल एवं चाईबासा)
अंचल क्षेत्रांतर्गत सभी कर योग्य प्रतिष्ठानों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा विभागीय प्रावधानों से वंचित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्ययोजना निर्धारित कर जीएसटी राजस्व संग्रहण में सुधारात्मक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग
निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी डिफॉल्टर वाहनों/संस्थानों की सूची तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने, मोटर वाहन अधिनियम एवं यातायात नियमों के अनुपालन हेतु नियमित निरीक्षण, जांच एवं आवश्यकतानुसार छापेमारी अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, बिना वैध कागजात एवं बिना फिटनेस/बीमा के वाहन परिचालन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने के निर्देश दिए गए।
खनन विभाग
अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा नियमित चेकिंग एवं औचक निरीक्षण अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए।
निबंधन कार्यालय (सरायकेला एवं चांडिल)
निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप निबंधन शुल्क संग्रहण सुनिश्चित करने एवं लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
मत्स्य विभाग
जिले के शत-प्रतिशत तालाबों की बंदोबस्ती सुनिश्चित करने, मत्स्य किसान समितियों से समन्वय स्थापित करने तथा जिले में मछली उत्पादन में वृद्धि हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता अनुसार केज (Cage) की संख्या में वृद्धि करने एवं किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
उत्पाद विभाग
अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जिले में संचालित वैध शराब दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो, यह सुनिश्चित करने हेतु नियमित जांच के निर्देश दिए गए।
नगर निकाय (आदित्यपुर, सरायकेला एवं कपाली)
नगर क्षेत्रों में ऐसे आधारभूत ढांचे विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हों तथा राजस्व संग्रहण में वृद्धि सुनिश्चित हो। होल्डिंग टैक्स, विज्ञापन कर आदि की वसूली हेतु कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी वित्तीय वर्ष हेतु बढ़े हुए राजस्व लक्ष्य का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए।
विद्युत आपूर्ति विभाग
जिले में अवस्थित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण कर विद्युत चोरी, अनधिकृत कनेक्शन एवं अन्य विद्युत-संबंधित अनियमित गतिविधियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व वृद्धि हेतु प्रस्ताव विभागीय मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए।
राजस्व, अंचल कार्यालय की समीक्षा के क्रम में दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश….
राजस्व अंचल कार्यालयों द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा के क्रम में अपर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऑनलाइन म्यूटेशन से संबंधित सभी लंबित मामलों का यथाशीघ्र एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। सभी अंचलाधिकारी अपनी कार्यशैली में आवश्यक सुधार लाते हुए यह सुनिश्चित करें कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। म्यूटेशन, सीमांकन एवं लगान से संबंधित मामलों में अंचलाधिकारी स्वयं सक्रिय अभिरुचि लेते हुए निर्णय करें तथा केवल राजस्व कर्मचारियों पर निर्भर न रहें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने की स्थिति में संबंधित कर्मी के साथ-साथ पर्यवेक्षी पदाधिकारी भी उत्तरदायी माने जाएंगे।
भूमि सुधार उपसमाहर्ता (LRDC) एवं अनुमंडल पदाधिकारी (DCLR) को राजस्व से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा करने, गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा सभी राजस्व कार्यों का पारदर्शी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। परिशोधन, सीमांकन एवं लगान से संबंधित लंबित मामलों के निष्पादन हेतु तिथि निर्धारित कर आवेदकों को पूर्व सूचना देते हुए निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।
समीक्षा के दौरान जिन राजस्व कर्मचारियों की लगान वसूली 30 प्रतिशत से कम पाई गई, उन्हें शोकॉज किया गया तथा कार्यप्रणाली में सुधार लाने हेतु सख्त निर्देश दिए गए। सभी अंचलाधिकारियों को ऑनलाइन रेंट कलेक्शन में सुधारात्मक प्रगति लाने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, रिक्त पदों पर मानकी मुंडा, डाकुआ एवं ग्राम प्रधानों की नियुक्ति प्राप्त आवंटन के आलोक में समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने तथा देय मानदेय/राशि का भुगतान समय पर करने का निर्देश दिया गया। सरकारी भूमि संरक्षण हेतु सभी अंचलाधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सभी सरकारी भूमि पर सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही आय, जाति, आवासीय प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रमाणपत्रों से संबंधित सभी लंबित मामलों का नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अंत में, अपर उपायुक्त द्वारा अन्य सभी विभागों को भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में सभी गतिविधियों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निवेदन दिया गया।
