सूचना भवन, सरायकेला-खरसावाँ प्रेस विज्ञप्ति दिनांक :- 29 अगस्त, 2026.
उपायुक्त की अध्यक्षता में छऊ कला केंद्र के समग्र विकास, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर बैठक; आधारभूत संरचना, मानव संसाधन एवं प्रशिक्षण व्यवस्था पर चर्चा, सर्वसहमति से प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने का लिया गया निर्णय…
सरायकेला : उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ श्री नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं माननीय विधायक खरसावां विधानसभा श्री दशरथ गागराई की उपस्थिति में आज सरायकेला छऊ कला केंद्र के समग्र विकास, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश, जिला खेल पदाधिकारी श्री अमित कुमार तथा कोर कमेटी एवं स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।
बैठक में विभाग द्वारा प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में छऊ कला केंद्र की आधारभूत संरचना, इंफ्रास्ट्रक्चर गैप, मानव संसाधन, संविदा आधारित एवं स्थायी नियुक्ति, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा केंद्र के प्रभावी संचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही कोर कमेटी एवं स्टीयरिंग कमेटी के सदस्यों की संख्या एवं संरचना पर चर्चा करते हुए उपस्थित सदस्यों से आवश्यक सुझाव आमंत्रित किए गए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित सदस्यों को आपसी समन्वय एवं एकजुटता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि अनुमंडल स्तर पर बैठक आयोजित कर इंफ्रास्ट्रक्चर गैप, संविदा आधारित नियुक्ति, प्रशिक्षण व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रस्तावों पर बिंदुवार विचार-विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि अनुमंडल स्तर पर बैठक में लिए गए निर्णय एवं तैयार प्रस्ताव के आलोक में जिला स्तर पर बैठक आयोजित कर समेकित रूप से आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। इसके उपरांत सर्वसम्मति से तैयार एवं अनुमोदित प्रस्ताव को नियमानुसार संस्कृति, कला एवं खेल विभाग, झारखंड सरकार को भेजा जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि सरायकेला छऊ, खरसावाँ छऊ एवं मानभूम छऊ की समृद्ध कला परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी संबंधित पक्षों को एकजुट होकर समन्वित रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने इन कला परंपराओं को नई युवा पीढ़ी से जोड़ने, प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने तथा स्थानीय कलाकारों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुखी प्रयास करने पर बल दिया।
छऊ कला के संरक्षण-संवर्धन एवं नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक : श्री दशरथ गागराई
इस अवसर पर माननीय विधायक श्री दशरथ गागराई ने कहा कि सरायकेला-खरसावाँ की धरती छऊ कला की जननी एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भूमि के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। उन्होंने कहा कि सरायकेला छऊ, खरसावाँ छऊ एवं मानभूम छऊ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से निभाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इन तीनों छऊ परंपराओं की विशिष्टता एवं कला-विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा नई युवा पीढ़ी को छऊ कला से जोड़ने के लिए कलाकारों, कला-संस्कृति से जुड़े लोगों, समिति के सदस्यों, प्रशासन एवं सरकार को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने छऊ कला के समग्र विकास के लिए आधारभूत संरचना, प्रशिक्षण व्यवस्था, कलाकारों के प्रोत्साहन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार से संबंधित आवश्यकताओं को समाहित करते हुए एक समेकित एवं सुव्यवस्थित प्रस्ताव तैयार कर सरकार के समक्ष रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि छऊ कला केंद्र को केवल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि छऊ की समृद्ध परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आपसी समन्वय, एकजुटता एवं सकारात्मक सोच के साथ कार्य करते हुए सरायकेला छऊ, खरसावाँ छऊ एवं मानभूम छऊ की विरासत को सहेजने और इसे व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
