सूचना भवन, सरायकेला-खरसावाँ प्रेस विज्ञप्ति दिनांक:- 22 अगस्त, 2026.
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न — सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, यातायात अनुशासन एवं सड़क सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन हेतु दिए गए निर्देश…
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सरायकेला-खरसावाँ, 22 अगस्त 2026। उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सर्वांगीयारी, उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, अपर उपायुक्त श्री श्रवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री शंकरचार्य शमाद, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), यातायात निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी जुड़े।
बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। इस क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों एवं ब्लैक स्पॉट से संबंधित जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में जिले में कुल 20 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 6 व्यक्ति घायल हुए तथा 17 लोगों की मृत्यु हुई। जिले में कुल 18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार एवं आवश्यक सड़क सुरक्षा उपायों के लिए संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे सघन वाहन जांच एवं प्रवर्तन अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कुल ₹22,24,850 का जुर्माना वसूल किया गया है। यातायात निरीक्षक द्वारा भी वाहन जांच एवं यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध की गई कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी गई।
उपायुक्त ने जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने ज़ेब्रा क्रॉसिंग, जिग-जैग रोड मार्किंग, स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक/साइनेज बोर्ड, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा मानकों की उपलब्धता एवं उचित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
उपायुक्त ने NH-18, NH-33 एवं NH-220 सहित प्रमुख मार्गों पर मरम्मति कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराने तथा सड़क सुरक्षा एवं यातायात मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक साइनेज बोर्ड, लाइट, ब्रेकर एवं अन्य सुरक्षा उपायों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही चौका-चाईबासा एवं चांडिल-कांड्रा सड़क की आवश्यक मरम्मति शीघ्र पूर्ण कराने तथा बरसात के बाद चौका-चाईबासा मार्ग के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य प्रारंभ करने को कहा। सभी निर्माण एवं मरम्मति कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मार्गों पर भारी एवं बड़े वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित है, उन मार्गों पर ऐसे वाहनों के आवागमन पर प्रभावी रोक सुनिश्चित की जाए। जिला परिवहन पदाधिकारी एवं यातायात निरीक्षक को प्रमुख सड़कों पर बड़े वाहनों द्वारा किए जा रहे अवैध पार्किंग के विरुद्ध नियमित एवं सघन जांच अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने प्रमुख मार्गों पर तेज गति के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। दुर्घटना संभावित एवं तेज गति वाले मार्गों को चिन्हित करते हुए जिला स्तर पर समिति गठित कर आवश्यकतानुसार स्पीड लिमिट निर्धारित करने तथा निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को बिना विलंब अस्पताल पहुंचाने एवं समय पर उपचार उपलब्ध कराने को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही एंबुलेंस को यथाशीघ्र दुर्घटना स्थल पर पहुंचना चाहिए, ताकि घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने इस संबंध में आमजनों को भी जागरूक करने का निर्देश दिया, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सूचना उपलब्ध कराई जा सके और एंबुलेंस सेवा में अनावश्यक विलंब न हो।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी, थाना प्रभारी एवं सिविल सर्जन को आपसी समन्वय के साथ यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में एंबुलेंस दुर्घटना स्थल पर पहुंचे तथा घायल व्यक्ति को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा एवं उपचार उपलब्ध हो सके।
पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सर्वांगी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रवर्तन एवं निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस एवं संबंधित थाना प्रभारियों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित गश्ती करने तथा प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के अवैध पार्किंग एवं यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमित जांच एवं कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने, आवश्यकतानुसार विशेष निगरानी रखने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया।
पुलिस अधीक्षक ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने तथा वाहन चलाते समय यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना भी आवश्यक है। इसके लिए पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा जागरूकता गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जाए।
उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने का निर्देश दिया। आम नागरिकों एवं वाहन चालकों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, सुरक्षित गति, ओवरस्पीडिंग से बचाव, ड्रंक एंड ड्राइव के दुष्परिणाम, फॉग लाइट के उचित उपयोग एवं सुरक्षित दूरी बनाए रखने के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक करने को कहा गया।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं एवं नई पीढ़ी को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। विद्यालयों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों का आयोजन कराने का निर्देश दिया गया, ताकि बच्चों एवं युवाओं में प्रारंभ से ही सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, पथ निर्माण, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी उपायों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी कार्यों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात वातावरण सुनिश्चित हो।