सूचना भवन, सरायकेला-खरसावाँ प्रेस विज्ञप्ति दिनांक : 19 जून 2026.
हेलमेट, समय पर सहायता और मानवीय संवेदना ने बचाई जान : पुलिस आरक्षी ने साझा किया सड़क सुरक्षा का संदेश…
हेलमेट पहना था, इसलिए सिर में गंभीर चोट नहीं आई; समय पर उपचार मिलने से आज पुनः सामान्य जीवन में लौट सका- आरक्षी रविंद्र नाथ लोहारा
हेलमेट, सीट बेल्ट एवं यातायात नियमों का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं; जागरूक नागरिक बनकर सड़क सुरक्षा के एंबेसडर की भूमिका निभाएं तथा दुर्घटना में घायलों की सहायता के लिए आगे आएं- उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ
घायल व्यक्तियों की सहायता करना मानवता की सच्ची सेवा; गुड सेमेरिटन नागरिकों को मिलेगा प्रोत्साहन एवं सम्मान, संकट की घड़ी में निर्भीक होकर करें सहयोग- पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावाँ
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राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव-2026 के दौरान गम्हरिया थाना में पदस्थापित पुलिस आरक्षी रविंद्र नाथ लोहारा (आरक्षी संख्या-340), जिला सरायकेला-खरसावाँ, अपनी रात्रि ड्यूटी संपन्न कर देर रात लगभग 1:00 बजे थाना वापस लौट रहे थे। इसी दौरान एक सुनसान मार्ग पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वे सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए और गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे गिर पड़े।
संयोगवश उसी समय अपर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ श्री जयवर्धन कुमार उक्त मार्ग से गुजर रहे थे। उन्होंने सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े आरक्षी रविंद्र नाथ लोहारा को देखा और बिना विलंब किए उन्हें अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गम्हरिया पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के उपरांत चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उन्हें बेहतर इलाज हेतु एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर किया गया। समय पर उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सहायता उनके उपचार एवं जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण साबित हुई।
स्वास्थ्य लाभ के उपरांत समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार से शिष्टाचार भेंट के दौरान आरक्षी रविंद्र नाथ लोहारा ने दुर्घटना के बाद मिले उपचार एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण वे लगभग दस दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहे तथा चिकित्सकों की सतत निगरानी एवं उपचार के बाद अब पूर्णतः स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय हेलमेट का उपयोग किए जाने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट नहीं आई तथा समय पर उपचार उपलब्ध होने से वे आज पुनः सामान्य जीवन में लौट सके हैं।
आरक्षी रविंद्र नाथ लोहारा ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय सदैव हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग अवश्य करें। साथ ही नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाएं, ओवरस्पीडिंग से बचें तथा सभी यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है और किसी परिवार को संकट से बचा सकती है।
उन्होंने यह भी अपील की कि यदि सड़क पर कोई घायल व्यक्ति दिखाई दे तो लोग निर्भीक होकर उसकी सहायता करें तथा उसे यथाशीघ्र नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि समय पर किया गया एक छोटा सा सहयोग किसी व्यक्ति की जान बचा सकता है तथा किसी परिवार को अपूरणीय क्षति से बचा सकता है।
अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार ने आरक्षी रविंद्र नाथ लोहारा के पूर्णतः स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आरक्षी द्वारा दिए गए सड़क सुरक्षा एवं मानवीय सहायता संबंधी संदेश की सराहना करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना मानवता का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता के लिए आगे आएं तथा उन्हें यथाशीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह ने आरक्षी रविंद्र नाथ लोहारा द्वारा साझा किए गए अनुभव एवं जागरूकता संदेश की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी नागरिकों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीडिंग से बचने तथा सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता एवं अनुशासन अपनाकर अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता के एंबेसडर के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जागरूक नागरिक अपने परिवार, मित्रों, सहकर्मियों एवं आसपास के लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने लोगों से निर्भीक होकर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने तथा उन्हें नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की आधारशिला हैं।
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटना अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील एवं समाजहित में कार्य करने वाले नागरिकों को जिला स्तरीय कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाएगा, ताकि समाज में सेवा, सहयोग, मानवता एवं नागरिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले नागरिक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ऐसे व्यक्तियों द्वारा प्रदर्शित संवेदनशीलता एवं मानवता समाज में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में किसी घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना एक सराहनीय एवं मानवीय कार्य है, जो किसी के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि वे दुर्घटना अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में घायल व्यक्तियों की सहायता के लिए आगे आएं और मानवीय दायित्व का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि ऐसे गुड सेमेरिटन नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें समाज के प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदार नागरिकों के रूप में सम्मानित करने की पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, संवेदनशील एवं सहयोगी समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।