सूचना भवन, सरायकेला-खरसावाँ प्रेस विज्ञप्ति दिनांक:- 22 अप्रैल 2026.
उपायुक्त की अध्यक्षता में कार्य प्रमंडलों की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न…
विकास एवं निर्माण के लंबित योजनाओं में तेजी लाने एवं लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश…
समाहरणालय सभागार, सरायकेला में जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न कार्य प्रमंडलों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की मासिक प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग, भवन निर्माण विभाग, लघु सिंचाई विभाग, एनआरईपी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, विद्युत विभाग सहित अन्य कार्य एजेंसियों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर निदेशक, डीआरडीए डॉ. अजय तिर्की, अपर उपायुक्त श्री जबर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर श्री रवि प्रकाश सहित सभी संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में लंबित योजनाओं के निष्पादन में तेजी लाई जाए तथा पूर्ण हो चुकी योजनाओं का समयबद्ध उद्घाटन सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को योजनाओं का लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके।
उन्होंने निर्देशित किया कि धीमी प्रगति वाली योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया जाए एवं संवेदकों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। ऐसे संवेदक जो कार्य निष्पादन में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए नियमानुसार ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार का कार्य आवंटित न किया जाए।
उपायुक्त ने सभी कार्य एजेंसियों को निर्देशित किया कि योजनावार अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप में प्रत्येक माह समय पर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं, जिससे प्रभावी अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग अपने अधीनस्थ अभियंताओं के माध्यम से नियमित स्थल निरीक्षण सुनिश्चित करें तथा कार्यस्थलों पर सूचना पट्ट, स्वीकृत लागत, कार्य अवधि एवं उपयोग में लाई जा रही सामग्री की गुणवत्ता का स्पष्ट प्रदर्शन किया जाए।
साथ ही निर्देश दिया गया कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे विकास कार्यों का अपेक्षित लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।